केंद्रीय रेशम उत्‍पादन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्‍थान (सी एस आर टी आई), मैसूरु
Published on केंद्रीय रेशम उत्‍पादन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्‍थान (सी एस आर टी आई), मैसूरु (https://www.csrtimys.res.in)

मुख पृष्ठ > नागरिक घोषणापत्र

नागरिक घोषणापत्र

I.  दृष्टि:


द्विप्रज रेशम उत्पादन में उत्कृष्ट अंतर्राष्ट्रीय रेशम उत्पादन संस्थान बनना ।


II.  लक्ष्य:


भारतीय रेशम उत्पादन उद्योग को उत्पादन और जीवन निर्वाह स्तर से बढाकर तीव्र प्रतियोगी वाणिज्यिक उत्पादन का आधार बनाने के लिए अनुप्रयोग अभिमुखी अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त करना ।

III. अधिदेश:


  • भारतीय रेशम के उत्पादन, उत्पादकता एवं गुणवत्ता को बढाने हेतु वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक अनुसंधान संचालित करना ।
  • शहतूत एवं रेशम कीटपालन और इसके प्रचार के लिए अनुप्रयोग पैकेज विकसित करना ।
  • उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का वाणिज्यीकरण ।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से आयातित रेशम प्रतिस्थापी रेशम उत्पादन बढाना ।
  • प्रशिक्षण ।
  • चालू अनुसंधान एवं संबद्ध कार्यक्रमों का समर्थन करने हेतु संस्थान की संरचना को विकसित करना ।
  • प्रजनक स्टॉक का अनुरक्षण (पी 4 चकत्ते)
  • ज्ञान का प्रचार करने हेतु अनुसंधान एवं विकास अभिनवकरण एवं अनुप्रयोग पैकेज विकसित करना ।
  • रोग पूर्वानुमान एवं पूर्व सूचना ।
  • भारत और विदेश के अन्य अनुसंधान एवं विकास संगठनों के साथ सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम ।
क्षेरेअकें के लिए अधिदेश:
  • संबंधित रेशम उत्पादन विभाग के परामर्श से क्षेत्र विशेष की समस्याओं को पहचानना ।
  • रेशम उत्पादन उद्योग से संबंधित क्षेत्र विशेष की समस्याओं के समाधान हेतु अनुसंधान संचालित करना ।
  • मुख्य संस्थान द्वारा विकसित चयनित प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करके संशोधन हेतु सुझाव देना ।
  • चयनित कृषकों तथा रेशम उत्पादन कृषकों को लेकर चयनित प्रौद्योगिकियों का क्षेत्र परीक्षण संचालित करना ।
  • चयनित प्रौद्योगिकियों का चुने गए कृषकों के माध्यम से प्रदर्शन करना ।
  • क्लस्टर द्वारा विभिन्न विस्तारण तरीकों के माध्यम से प्रमाणित प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाना ।
  • रेशम उत्पादन विभाग के बुनियादी स्तर के कर्मचारियों तथा कृषकों के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकी पहलुओं पर प्रशिक्षण संचालित करना ।
  • पूर्वानुमान एवं पूर्वसूचना के लिए फसल, अर्थशास्त्र एवं रोग और पीडक निगरानी पर सर्वेक्षण संचालित करना ।
  • रे उ वि/रारेबीसं के लिए साल में एक बार प्रौद्योगिकी कार्यक्रम संचालित करना ।
  • रेशम उत्पादन कृषकों के हित के लिए क्षे रे अ केंद्रों में सेवा केंद्र/परामर्शी केंद्र और रेशम उत्पादन प्रौद्योगिकी पार्क संस्थापित करना ।
अविकें एवं अ वि कें उप एककों के लिए अधिदेश:
  • चुने गए कृषकों के माध्यम से चयनित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन संचालित करना ।
  • क्लस्टर द्वारा विभिन्न विस्तारण तरीकों के माध्यम से प्रमाणित प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाना ।
  • शहतूत कलमों, रेशमकीट बीजों , चॉकी कीटों एवं रसायनों जैसे निवेशों की आपूर्ति करना ।
  • रेशम उत्पादन विभाग के बुनियादी स्तर के कर्मचारियों तथा कृषकों के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकी पहलुओं पर प्रशिक्षण संचालित करना ।
  • पूर्वानुमान एवं पूर्वसूचना के लिए फसल, अर्थशास्त्र एवं रोग और पीडक निगरानी पर सर्वेक्षण संचालित करना ।

 

IV.  उद्देश्य और कार्यनीतियाँ:


  • रेशम उत्पादन संबंधी वैज्ञानिक, तकनीकी, आर्थिक एवं सामाजिक अनुसंधान संचालित करना ।
  • रेशम उत्पादन उद्योग संबंधी वैज्ञानिक, तकनीकी एवं आर्थिक मामलों की सूचना एकत्रित कर इसका प्रसार करने तथा इस पर सलाह देने हेतु सेवा केंद्र के रूप में कार्य करना ।
  • रेशम उत्पादन उद्योग के लिए विशेष विस्तारण सेवा प्रदान करने हेतु केंद्र के रूप में कार्य करना ।
  • प्रबंधकीय और प्रचालन संवर्ग के वैज्ञानिक, तकनीकी और विस्तारण कार्मिकों को प्रशिक्षण देना ।
  • विभिन्न अनुसंधान उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से बढावा देने तथा इसका उपयोग करने हेतु वाणिज्यिक अनुसंधान एवं उत्पादन संचालित करना ।
  • रेशम उत्पादन क्षेत्र में देश के वर्तमान और दीर्घकालीन वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं को व्यवस्थित ढंग से पहचानना ।
  • रेशम उत्पादन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च स्तर का अभिनवकरण एवं श्रेष्ठता प्राप्त करना ।
  • रेशम उत्पादन क्षेत्र को रेशम व्यापार में परिवर्तित करना और वाणिज्यीकृत करना ।
  • प्रौद्योगिकी स्थानांतरण एवं इसके अंगीकरण को सुदृढ करना तथा प्रभावी बनाना ।

 

V.  प्रस्तावित कार्यकलाप/ सेवाएँ:


  • अनुसंधान एवं विकास
  •     रेशमकीट पालन
  •     शहतूत
  • प्रशिक्षण
  •     केंद्रीय क्षेत्र योजना
  •     एकीकृत कुशलता विकास योजना
  •     प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
  •     कृषकों/रेउवि पदधारियों को आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण
  • विस्तारण कार्यकलाप
  •     कृषकों द्वारा वैज्ञानिकों से संपर्क करने हेतु टॉल मुक्त संवाद
  •     क्षेत्र समस्याओं को हल करने हेतु कृषकों के लिए मार्गदर्शन
  •     गुणात्मक शहतूत कलमों एवं बीज सामग्री की आपूर्ति
  •     रेशम उत्पादन को अपनाने हेतु कृषकों के लिए परामर्श
  •     चॉकी कीटपालन का प्रशिक्षण सह प्रदर्शन
  •     प्रौद्योगिकी का क्षेत्र में स्थानांतरण
  • रेशम उत्पादन में यंत्रीकरण
  •     विभिन्न रेशम उत्पादन यंत्रों का प्रदर्शन
  •     विभिन्न कृषि जल वायु स्थितियों के लिए रेशमकीट पालन गृह की परिकल्पना और विकास
  •     रेशम उत्पादन में यंत्रीकरण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
  •     यंत्रीकृत शहतूत फार्म और रेशम कीटपालन का विकास
  • प्रशिक्षण सह प्रदर्शन केंद्र
  • चॉकी कीटपालन केंद्र
  • जैव सूचना विज्ञान केंद्र
  • पुस्तकालय एवं प्रलेखन
  •     द्विमासिक कृषक पत्रिका (कन्नड)-रेशम वाहिनी
  •     अर्ध वार्षिक पत्रिकाओं का प्रकाशन-इंडियन जर्नल ऑफ सेरिकल्चर एवं सेरिडॉक
  • मृदा परीक्षण और मृदा विश्लेषण

 

VI.  लोक सूचना कक्ष


(सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 का कार्यान्‍वयन)

केंरेअप्रसं, मैसूरु से सू अ अ 2005 के अंतर्गत सूचना माँगने हेतु आवेदन पत्रों को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को संबोधित किया जाना है और डिमांड ड्राफ्ट/बैंकर चेक/इंडियन पोस्टल ओर्डर को निदेशक, केंरेअप्रसं,मैसूरु के पक्ष में आहरित किया जाना है ।केंद्रीय/सहायक लोक सूचना अधिकारियों की सूची नीचे दी गई है ।

नाम, पदनाम एवं ई मेल एकक/कार्यक्षेत्र  
   
डॉ वी शिवप्रसाद, निदेशक
csrtimys.csb AT nic.in
संस्थान के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी सीपीआईओ
श्री ए मनोहरन, उ नि(वित्त)
accts.csrtimys.csb AT nic.in
संस्थान के सहायक केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी एपीआईओ
वैज्ञानिक डी
rsrsana.csb AT nic.in
क्षेरेअकें,अनंतपुर एवं इसके एकक एपीआईओ

वैज्ञानिक डी
rsrssal.csb AT nic.in

क्षेरेअकें,सेलम एवं इसके एकक एपीआईओ
वैज्ञानिक डी
rsrskod.csb AT nic.in
क्षेरेअकें,कोडति एवं इसके एकक एपीआईओ
वैज्ञानिक डी
rsrscha.csb AT nic.in
क्षेरेअकें,चामराजनगर एवं इसके एकक एपीआईओ

 

VII.  पणधारी/ग्राहक गण:


देश के सभी राज्यों में रेशम उत्पादन विकास संबंधी विभाग ।

  • गैर सरकारी संगठन (एन जी ओ)
  • रेशम उत्पादन कृषक
  • रेशम धागाकार
  • रेशम कातने वाले
  • निम्नलिखित में रुचि रखने वाले उद्यमी
  • कोसा उत्पादन
  • रेशम धागाकरण/कोसा निर्माण
  • रेशमकीट बीज उत्पादन
  • रेशमकीटों एवं खाद्य पौधों के पीडकों और रोगों को नियंत्रित करने के लिए रसायनों एवं जैव पीडक नाशियों के विनिर्माता ।

 

VIII.  नागरिक घोषणा पत्र की समीक्षा:


निदेशक, केंरेअप्रसं, मैसूरु द्वारा समय समय पर नागरिक घोषणा पत्र की समीक्षा की जाती है ।


Source URL: https://www.csrtimys.res.in/hi/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0