विस्तारण नेटवर्क: संस्थान ने प्रौद्योगिकियों को रेशम उत्पादकों के घर तक पहूँचाने के उद्देश्य से तीन टयर विस्तारण नेटवर्क गठित किया है - मुख्य संस्थान से क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र तक, क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र से अनुसंधान विस्तारण केंद्र और अनुसंधान विस्तारण केंद्र- उप एककों तक ।
क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्रों के अधिदेश
- संबंधित रेशम उत्पादन विभाग एवं इनके संबंधित एककों के परामर्श से क्षेत्र विशेष की समस्याओं को पहचानना, अनुसंधान अध्ययन करना और फीडबैक विश्लेषण करना ।
- मुख्य अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों की जाँच सत्यापन करने हेतु केंद्र परीक्षण करना एवं क्षेत्र परीक्षण और क्षेत्र विशेष की समस्याओं को हल करने हेतु सही सुझाव देना/संशोधन करना ।
- रे उ वि के समन्वयन से क्षेत्र परीक्षण/चयनित कृषकों के साथ चयनित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना ।
- समूह क्षेत्रों के माध्यम से विभिन्न विस्तारण विधियों का उपयोग करते हुए साबित प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाना ।
- रे उ वि के बुनियादी स्तर के विस्तारण कर्मचारियों और कृषकों के लिए उन्नत प्रौद्योगिक पहलुओं पर प्रशिक्षण संचालित करना ।
- फसल अनुवीक्षण और समस्या/संकट प्रबंधन ।
- फसल प्राप्ति, अर्थशास्त्र एवं रोग निगरानी हेतु पूर्वानुमान एवं पूर्वसूचना ।
- समूह संवर्धन कार्यक्रम का समन्वयन ।
- रेशम उत्पादन कृषमों का मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण और आँकडा संचय अनुरक्षण ।
अनुसंधान विस्तारण केंद्रों/उप एककों के अधिदेश
- रे उ वि के समन्वयन से चयनित कृषकों के माध्यम से प्रौद्योगिकियों का प्राथमिक परीक्षण ।
- समूह क्षेत्रों के माध्यम से विभिन्न विस्तारण विधियों का उपयोग करते हुए साबित प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाना ।
- संकीर्ण निवेशों तथा रेशम उत्पादन साधनों यथा शहतूत कलमों, रेशमकीट बीजों, रसायनो के लिए संसाधन केंद्र ।
- उन्नत प्रौद्योगिक पहलुओं पर कृषकों के लिए प्रशिक्षण संचालित करना ।
- फसल प्राप्ति, अर्थशास्त्र एवं रोग निगरानी हेतु पूर्वानुमान एवं पूर्वसूचना ।
- सभी विस्तारण कार्यकलापों में रेशम उत्पादन विभाग और संबद्ध विभाग के साथ समन्वयन ।
- क्षेत्र में विद्यमान परिस्थिति अनुकूल प्रजातियों का परिरक्षण ।
- प्रौद्योगिकियों/सेवाओं, विश्लेषण और फसल अनुरक्षण पर फीडबैक लेना ।